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Hardeep Singh Puri विशेष साक्षात्कार में बोले- पंजाब में मतांतरण रोकने के लिए कानून लाएगी भाजपा सरकार

Feb 14,2022

मनोज त्रिपाठी, जालंधर। Punjab Election 2022: पंजाब में पहली बार अपने दम पर चुनाव मैदान में उतरी भारतीय जनता पार्टी के नेता व केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि राज्य में उनकी सरकार बनने पर मतांतरण रोकने के लिए कानून बनाया जाएगा। आज पंजाब को विकास की जरूरत है। एनडीए की सरकार ही डबल इंजन के रूप में पंजाब का विकास करवा सकती है। इसके लिए रोडमैप भी तैयार कर लिया गया है। दैनिक जागरण के फोकल प्वाइंट स्थित प्रेस परिसर में हरदीप सिंह पुरी ने विभिन्न मुद्दों पर जागरण से बातचीत में अपनी राय रखी। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश...

मतांतरण पंजाब का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। इसकी वजह से डेमोग्राफी में बदलाव आ रहा है। इसे आप किस रूप में देखते हैं?

यह बेहद गंभीर मुद्दा है। जो लोग भी यह कर रहे हैं, उन्हें यह नहीं पता कि वे आग से खेल रहे हैं। कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के चलते इस मुद्दे पर आंख मूंद कर बैठे हैं और मतांतरण को बढ़ावा भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कह रहे हैं कि जो लोग मतांतरण कर रहे हैं, उन्हें प्यार नहीं मिलता है। एक मुख्यमंत्री के लिए ऐसी बयानबाजी अशोभनीय है। हमारी सरकार आने के बाद पंजाब में मतांतरण रोकने के लिए कानून बनाएंगे। आज पंजाब के लोग विभिन्न प्रदेशों में हैं, विभिन्न प्रदेशों के लोग पंजाब में रहते हैं। इससे भाईचारा बढ़ता है।

पंजाब की वित्तीय हालत बेहद खराब है। पंजाब को आर्थिक तौर पर समृद्ध बनाने के लिए भाजपा के पास क्या विजन है?

जरूरी है कि पंजाब को सबसे पहले कर्ज से मुक्त किया जाए। केंद्र सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये का पैकेज तैयार किया है। पंजाब पर 2.81 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। हम पांच एकड़ से कम जमीन वाले किसानों के कर्ज माफ करेंगे। पंजाब के औद्योगिक ढांचे का विकास करेंगे, जिससे पंजाब की आय बढ़े। खेती को और समृद्ध बनाएंगे। कुछ समय लगेगा, लेकिन गठबंधन सरकार पंजाब को कर्जमुक्त करवा लेगी।

पंजाब में पहली बार भाजपा अकाली दल से अलग होकर चुनाव मैदान में है। यह भाजपा व पंजाब दोनों के लिए कैसे फायदेमंद हो सकता है?

पंजाब व भाजपा दोनों एक-दूसरे के लिए फायदेमंद हैं। एक दौर था जब हमारे दो सांसद हुआ करते थे तो दूसरे दल वाले कहते थे कि यह बनियों की पार्टी है, हिंदुओं की पार्टी है, लेकिन आज हम पूर्ण बहुमत के साथ सरकार चला रहे हैं। हमारी केंद्रीय योजनाओं के 22 करोड़ लाभार्थी देशभर में हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव में हमें वोट दिया था। इनमें पंजाब के लाभार्थी भी है, जो हमें वोट देंगे। भाजपा पंजाब में अकाली दल के साथ जूनियर पार्टी के रूप में थी। अब हम अलग रोल में हैं। डबल इंजन मतलब केंद्र और राज्य दोनों जगह एनडीए की सरकार मिलकर पंजाब की कायापलट कर देंगे। अकाली दल हमारे दम पर चुनाव जीतता रहा। इस बार हम 73 सीटों पर लड़ रहे हैं। 50 प्रतिशत सीटों पर जीत भी हासिल होगी।

पंजाब के सियासी हालात को आप किस रूप में देख रहे हैं? पंजाब के भले की सियासत हो रही है या नहीं?

पंजाब स्पेशल केस है। यहां काफी समय से राजनीतिक गंभीरता व गंभीर मुद्दों पर चिंतन नहीं किया जा रहा है। नंबर एक पर रहने वाला सूबा अब नंबर 14 पर आ गया है। पंजाब में सिविल वार जैसे हालात हैं। कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी पति को सीएम बनाने के लिए उलटी-सीधी बयानबाजी कर रही हैं। बेटी कह रही है कि पापा ही योग्य थे। राहुल को गुमराह किया गया।

बड़ी संख्या में पंजाब से औद्योगिक पलायन हो रहा है। इसको कैसे रोक सकते है?

लैंड माफिया, सैंड माफिया, वसूली माफिया जब राज्य में अपना राज करने लगते हैं तो सबसे पहले औद्योगिक पलायन होता है। कानून व्यवस्था का बुरा हाल है, जिस भी राज्य की कानून व्यवस्था ध्वस्त होती है, वहां से सबसे पहले औद्योगिक पलायन होता है। हमारे पास कानून व्यवस्था, देश व प्रदेश की सुरक्षा का रोडमैप है। पंजाब में अमन शांति कायम कर कानून व्यवस्था वाली सरकार लाकर उद्योगों के लिए अच्छा माहौल बनाना व निवेश लाना हमारी प्राथमिकता होगी।

पंजाब से बड़ी तादाद में युवा विदेशों को पलायन कर रहे हैं। मनी ड्रेन व ब्रेन ड्रेन की से जूझ रहे पंजाब को कैसे उबारेंगे?

हमें अच्छी यूनिवर्सिटीज, अच्छे कालेज, अच्छी एजुकेशन का इन्फ्रास्ट्रक्चर के अलावा नशामुक्त पंजाब पर काम करना होगा। जब युवाओं को यहीं पर अच्छी शिक्षा मिलेगी और यहीं पर अच्छे रोजगार मिलेंगे तो वे अपना प्रदेश छोड़कर दूसरे देश में क्यों जाएंगे। युवाओं को नशे से बचाने के लिए भी हमारा कार्यक्रम तैयार है।

ऐसी चर्चा है कि चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए भाजपा और अकाली दल फिर एक हो सकते हैं?

अकाली दल के साथ अब किसी भी सूरत में रिश्ते नहीं बनाए जाएंगे। वह दौर निकल गया, जब हमने पंजाब की भलाई व विकास के लिए उनके साथ रिश्ते बनाए थे। अब पंजाब का विकास हमारी जिम्मेदारी है। यह सभी जानते हैं कि भाजपा या एनडीए ही एक ऐसा मंत्र है, जो अपने हर वादे को पूरा करता है।

पंजाब में इस बार मुफ्त की राजनीति चल रही है। आपको क्या लगता है यह कहां तक उचित है?

खजाना खाली है, कर्ज की किश्तें चुकाने के लिए ब्याज लेना पड़ता है। इसी से अंदाजा लगा लीजिए कि कांग्रेस, आप व अकाली दल कितनी गंभीर सियासत कर रहे हैं। हम एमएसएमई सेक्टर को चार रुपये, बड़े उद्योगों को पांच रुपये बिजली देने का वादा कर रहे हैं। घरेलू बिजली उससे भी सस्ती देंगे।






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