2027 तक फिर से बसेगी 'नई' दिल्ली, मिलेंगी ऐसी सुविधाएं कि दुनिया भी कहेगी शानदार

Sep 13,2019

अब केवल आठ साल का इंतजार बचा है जब 2027 में पीएम नरेंद्र मोदी के सपनों की दिल्ली का लुक पूरी तरह बदल जाएगा। लैंड पूलिंग पॉलिसी से दिल्ली दुनिया की सबसे सुंदर राजधानी बनेगी। केंद्र सरकार का दावा है कि दिल्ली की लैंड पूलिंग योजना से लोगों को 17 लाख नए घर मिलेंगे। इस पॉलिसी के तहत डीडीए भू-मालिकों एवं प्राइवेट डेवलपर के साथ मिलकर रिहायशी और कमर्शियल क्षेत्र विकसित करेगा, जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट में शामिल होंगे।

दिल्ली 2027 तक दुनिया का बड़ा केंद्र शुक्रवार को बाराखंबा रोड स्थित फिक्की भवन में 'लैंड पूलिंग: बिल्डिंग इंडियाज केपिटल' ऑपर्च्युनिटी इन रियल एस्टेट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि दिल्ली 2027 तक दुनिया का एक बड़ा केंद्र बन जाएगा। मौजूदा रिहायशी इलाकों में भले ही एफएआर में परिवर्तन न हो, लेकिन लैंड पूलिंग योजना के तहत जो सेक्टर बनेंगे, वहां एफएआर की दरों में बदलाव हो सकता है। दिल्ली के भू-मालिक डीडीए की लैंड पूलिंग पॉलिसी से खासे उत्साहित हैं। जब उन्हें इसका प्लान समझाया गया तो वे सहयोग देने के लिए आगे आए हैं।
पांच लाख गरीबों को मिलेंगे मकान इस योजना के तहत पांच जोन की करीब 19 हजार हेक्टेयर जमीन पर स्मार्ट ग्रीन फील्ड सिटी बनाई जाएगी और प्राइवेट सेक्टर की इस प्रोजेक्ट में बड़ी भूमिका रहेगी। पीएम मोदी चाहते हैं कि दिल्ली के लोगों को विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलें, उनकी इसी बात को ध्यान में रखकर यह प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। जिसमें करीब पांच लाख आर्थिक रूप से गरीब लोगों को भी मकान मिलेंगे। खास बात है कि एक सेक्टर के सभी प्रोजेक्ट आपस में एक दूसरे से जुड़े रहेंगे।

सिंगल विंडो क्लीयरेंस सुविधा दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने कहा कि लैंड पूलिंग के मामलों का निपटारा तेजी से हो, इसके लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सुविधा शुरु की गई है। जो भू-मालिक इस योजना में शामिल होना चाहते हैं, वह आवेदन कर सकता है। चूंकि यह विश्व के बड़े एवं स्मार्ट प्रोजेक्ट में शामिल है, इसलिए इसमें अच्छे रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। लैंड पूलिंग डीडीए के निदेशक एनआर अरविंद और एनआईयूए के प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर नीलेश राजअध्यक्षा का कहना है कि लैंड पूलिंग योजना में बनने वाले स्मार्ट सिटी में पैदल चलने वालों के अनुकूल सड़कें बनेंगी।

घरों की छतों पर सोलर सिस्टम योजना के तहत कई सेक्टरों को 'वॉकेबल सिटी' बनाया जाएगा। लोगों में कार का प्रचलन घटे, बाइक या साइकिल का इस्तेमाल ज्यादा हो, इस पर खास फोकस रहेगा। ये सेक्टर अलग-अलग सांस्कृतिक विरासतों के केंद्र बनें, इस पर भी काम किया जा रहा है। सभी सेक्टरों में ब्लू ग्रीन प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। सोलर एनर्जी या बरसात का पानी, इनका बेहतरीन इस्तेमाल होगा। घरों की छतों पर ऐसे सोलर सिस्टम लगेंगे, जिनकी मदद से इतनी बिजली पैदा हो ताकि 95 फीसदी खपत का लक्ष्य पूरा हो जाए। सबसे व्यस्त समय में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशाल मेट्रो प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के लिए सभी सेक्टरों में ग्रीन कल्चर की शुरुआत की जाएगी।

होंगे ऐसे फीचर जो कर देंगे हैरान सड़कों पर स्थित हर खम्भे पर कैमरे लगे होंगे। रात में पैदल यात्री के उपस्थित होने पर बल्ब खुद जल जाएं अन्यथा डिम हो जाएं, सूर्य की रोशनी के अनुरूप घरों की लाइटें घटाई बढ़ाई जा सकें और शिक्षक की गैर-हाजिरी पर किसी दूसरे स्कूल का शिक्षक वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पढ़ा सके। मोदी सरकार की स्मार्ट सिटी परियोजना में यह सब देखने को मिलेगा। शापिंग माल, सिनेप्लैक्स सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से बनेंगे। सड़कों पर कूड़ा-करकट नहीं दिखेगा। सड़कें, कारें और इमारतें हर चीज एक-एक नेटवर्क से जुड़ी होंगी। साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन के अलावा शहर में आने जाने के लिए परिवहन के बेहतरीन साधन शुरू किए जाएंगे।






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